पापा सफ़र शुरू हो चुका है...

'6 जनवरी की शाम' जब मेरी गूंगी कहानियाँ खुशी से चिल्लाने लगीं मेरी कहानियाँ अमूक रही हैं । हमेशा ये इसी उलझन में पड़ी रहीं कि...


'6 जनवरी की शाम' जब मेरी गूंगी कहानियाँ खुशी से चिल्लाने लगीं
मेरी कहानियाँ अमूक रही हैं । हमेशा ये इसी उलझन में पड़ी रहीं कि इन्होंने अपने शब्दों के भीतर जिन संवेदनाओं, प्रेम, विरह, ठिठोली जैसे अहसासों को समेट कर रखा है वो सभी अहसास किसी पाठक के मन पर अपनी छाप छोड़ने में समर्थ हैं भी या कि फिर बस पन्ने ही काले कर रही हैं । मैंने बहुत समझाया इन्हें कि तुम सब अच्छा कर रही, हो बहुत से पाठक तुम्हारी प्रशंसा करते हैं किन्तु ये अपनी आदत के अनुसार बस चुप चाप सी रहती आई हैं । लेकिन 6 जनवरी की शाम को जब मेरे नाम के साथ प्रतिलिपि युवा लेखक जोड़ कर मुझे मंच पर बुलाया गया और श्री तेजेंद्र शर्मा जी, श्री सुशील सिद्धार्थ जी और श्री विवेक मिश्र जी की उपस्थिति में माननीया मृदुला गर्ग जी के हाथों युवा लेखक का सम्मान दिया गया तब मैंने अचानक से देखा कि मेरी गूंगी कहानियाँ शोर कर रही हैं, वे सभी उत्साह से भरी हुई हैं । जैसे उन्हें आज जा कर अहसास हुआ हो कि उनमें भी पाठकों को आकर्षित की क्षमता है । उसके बाद जब मंच से उतरा और दोस्तों ने मुझे बधाईयाँ दीं, मेरी कहानियों के बारे में, अगली पुस्तक के बारे में, मेरी लेखनी के बारे में बातें कीं तब तो मेरी कहानियों का शोर पूरे हाॅल में सबसे ऊंचा हो गया । मैं खुश था अपनी खामोश कहानियों को खुशी से चिल्लाता हुआ देख कर ।


किसी विशेष मंच पर आपको जब पहली बार सम्मानित किया जाता है तब उसकी खुशी को बयान करने में आपके अनगिनत शब्द भी असक्षम से हो जाते हैं । उस छोटी सी ट्राफ़ी पर अपना देख कर ऐसा लगा जैसे वो दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान हो । शुरुआत हमेशा छोटी ही होती है लेकिन हमारी तो शुरुआत भी बड़ी हुई है, इसी कारण उत्साह भी बड़ा है । वर्ष की ऐसी शुरुआत से यकीन हो गया कि इस वर्ष के अंत तक कुछ अच्छा अवश्य होगा । बाक़ी इस ईनाम से अलग कुछ ऐसे ईनाम भी मिले जिनकी तुलना नहीं की जा सकती । सबसे बड़ी खुशी थी हम सब की अवंतिका को गढ़ने वाली अभिधा शर्मा मैम से मिलना । अभिधा मैम जितना शानदार लिखती हैं उतना ही शानदार उनका व्यवहार भी है । साथ ही साथ रितिक भाई, मयंक भाई, हिमांशु भाई, अंबुज भाई, प्रवीण भाई, विधायक पांडे, तन्वी पारीक जैसे बहुत से युवा साथियों से मिलना हुआ । मेरी लिखाई बहुत ही गरीब है फिर भी दोस्तों ने हस्ताक्षर ले लिए, जिसके कारण ये हस्ताक्षर भी अमीर हो गये ।

कहानीकार बड़ा या छोटा नहीं होता, वो सिर्फ एक कहानीकार होता है, बड़ा या छोटा उसे पाठक बनाते हैं और प्रतिलिपि ने नये लेखकों को पाठकों का बहुत बड़ा समूह दिया है जिसके लिए हम सब हमेशा इस मंच के आभारी रहेंगे । इस समारोह में सम्मिलित हो कर इतनी खुशी हुई कि दिल्ली की भयंकर सर्दी और बस के थका देने वाले सफ़र का प्रकोप भी इस खुशी के सामने दांत चियार गया । वीणा मैम और प्रतिलिपि टीम को इस शानदार समारोह के लिए बहुत बहुत बधाई । बाक़ी व्यस्तता के कारण ज़्यादा समय दे नहीं पाया जिस कारण से बहुत से धुरंधर लेखकों से मिलने का समय ना मिला । अब अगली बार सप्ताह भर का समय निकाल कर जाएंगे और सभी प्रिय लेखकों को खोज खोज कर मिलूंगा ।

ये कुछ टूटे बिखरे शब्द उसके लिए जो पर्दे के पीछे से ही मेरी हर परिस्थिति में मेरे साथ रही  😊

सफ़र में धूप थी तुम छाँव बन कर साथ चली
मैं जब थक कर बैठ गया तुम पाँव बन कर साथ चली
ज़िंदगी दरिया थी परेशानियाँ तूफां जैसी
मैं जब जब डूबने लगा तुम नांव बन कर साथ चली

#प्राणप्यारी

पापा सफ़र शुरू हो चुका है  :)

धीरज झा

Keywords- Delhi World Book Fair  2018, Pratilipi Young Writer 2017 Award, Dhiraj Jha 

COMMENTS

Name

अन्य रचनाएँ,1,अलविदा,5,इश्क़ वाली कहानियां,16,कल्पनाएं,1,कविता,114,कहानियों का कोना,31,कहानी,125,किश्तों वाली कहानियाँ,6,किस्से गाँव के,14,ख़ास लोग,8,खुशियाँ,39,खेल कहानियां,4,ख़्वाहिशें,2,गज़ल,31,चलते फिरते बस यूं ही,2,चिट्ठियाँ,22,जय जवान,11,तड़प मेरी तुम्हारे लिए,72,दु:ख,62,नमन,4,पापा के लिये,27,पुराने किस्से,3,प्रतिभा की दुनिया,2,फिल्म समीक्षा,3,बस यूं ही,27,बातें काम कीं,61,बिहारनामा,2,माँ,18,युवाओं की बात,2,रात के किस्से,6,लघु कहानी,9,लेख,153,वैश्विक,1,व्यंग्य,35,शायरी,30,सिनेमा,1,सिर्फ तुम्हारे लिये,63,हास्य कथा,1,
ltr
item
क़िस्सों का कोना : पापा सफ़र शुरू हो चुका है...
पापा सफ़र शुरू हो चुका है...
https://1.bp.blogspot.com/-CsX_7WUZGl8/WmdHIcDPGJI/AAAAAAAAAqU/5CPz2uAVDxMTQtNmxVYH4uJm1QNzkRWpgCEwYBhgL/s640/26230454_1021116898.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-CsX_7WUZGl8/WmdHIcDPGJI/AAAAAAAAAqU/5CPz2uAVDxMTQtNmxVYH4uJm1QNzkRWpgCEwYBhgL/s72-c/26230454_1021116898.jpg
क़िस्सों का कोना
http://www.qissonkakona.com/2018/01/Pratilipi-Yuva-lekhak-Award.html
http://www.qissonkakona.com/
http://www.qissonkakona.com/
http://www.qissonkakona.com/2018/01/Pratilipi-Yuva-lekhak-Award.html
true
3081115015472439889
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy