'जॉर्डन बेल्फोर्ट' इस शख्स का जीवन एक ऐसी किताब है जो बहुत कुछ सिखा सकता है आपको

Jordan belfort, The wolf of the wall street, success story, sahare market, stock business, motivational story, inspirational, hollywood movie,


आप मानिए या न मानिए लेकिन किस्मत सबको मौका देती है। इंसान की तीन तरह की किस्में हैं एक वो जो किस्मत का दिया मौका भांपते हैं और इसका फायदा उठा कर अपना भविष्य संवार लेते हैं। दूसरे वो जिन्हें किस्मत का दिया हुआ मौका कभी समझ ही नहीं आता। ऐसे लोग कुछ नहीं कर पाते सिवाए ताउम्र किस्मत को कोसने के । इन दोनों से अलग होते हैं तीसरे वाले जो किस्मत का दिया हुआ मौका पहचानते भी हैं, उसका भरपूर फायदा भी उठाते हैं लेकिन इसके बदले में किस्मत उन्हें जो देती है उसे वो संभल ही नहीं पाते। 

जिस इंसान के बारे में आज मैं आपको बताने जा रहा हूं वो तीसरी तरह का इंसान है। ये कटु सत्य है कि जो आया है उसे जाना है, जिसने पाया है उसे खोना है। लेकिन इस पाने खोने के बीच का समय अगर महज कुछ साल हो तो ये सारी उम्र की टीस बन जाती है। मैं जानता हूं अभी आप कुछ नहीं समझ पा रहे लेकिन जब आप इस इंसान के बारे में जान चुके होंगे तो आप मेरी ये शुरुआती बातें फिर से पढेंगे और समझेंगे कि मैंने ये सब क्यों कहा। 

जिसकी चर्चा हो रही है उस शख्स का नाम है जॉर्डन बेलफोर्ट। जॉर्डन की किस्मत ने उसे दो बार ऐसा मौका दिया था जो अकसर बहुत ही कम इंसानों को मिलता है। लेकिन जॉर्डन इस मौके से कुछ ऐसा नहीं कर पाया जिस पर उसे हमेशा गर्व हो। वह आज एक सफल मोटिवेशनल स्पीकर है। लेकिन खुद के किए पर वो हमेशा शर्मिंदा रहेगा। याद रखिए उस इंसान से अच्छा आपको कोई नहीं सिखा सकता जिसने सब कुछ पा कर उसे खो दिया हो। शायद इसीलिए जॉर्डन आज एक सफल वक्ता है।

1962 में जन्में जॉर्डन एक यहूदी परिवार से संबंध रखते हैं। जॉर्डन की मां हमेशा से चाहती थीं कि वह एक डेंटिस्ट बने लेकिन वो भाग्य के लिखे से अंजान थीं। उन्हें इस बात की भनक भी नहीं थी कि उनका बेटा एक दिन लाखों रूपए एक बार की डिनर पार्टी में उड़ाने की हैसियत रखेगा। जॉर्डन के अंदर पैसे कमाने की भूख बचपन से ही थी। जिस उम्र में बच्चे भविष्य की चिंता से बेखबर नए उपकरणों की जानकारी, कार चलाने, गर्लफ्रेंड बनाने आदि करने में अपना समय और दिमाग लगाते हैं उस उम्र में जॉर्डन ने पैसे कमाना सीख लिया था। 

हाई स्कूल के बाद उसने अपने एक मित्र के साथ मिलकर समंदर किनारे बैठे लोगों को इटैलियन आइसक्रीम बेचनी शुरू कर दी थी। अपने मित्र की मदद से वो कूलर में इटैलियन आइसक्रीम रख के एक स्थानीय बीच पर लोगों को बेचा करता था। इस तरह से जॉर्डन ने पूरे 20,000 डॉलर कमाए जिसे उसने अपनी डेंटिस्ट की पढाई में लगाने का सोचा और अमेरिकन युनिवर्सिटी से जीव विज्ञान में ग्रेजुएशन करने के बाद बाल्टीमोर कॉलेज ऑफ़ डेंटल सर्जरी में दाखिला ले लिया।

कई बार किसी की कही एक ही बात हमारी जिंदगी की दिशा बदल देती है और उस बदली हुई दिशा का हमारी दशा बदलने में सबसे बड़ा योगदान होता है। अपने कॉलेज के पहले ही दिन जॉर्डन के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। कॉलेज के डीन ने पहले ही दिन सब बच्चों को संबोधित करते हुए कहा “डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) का स्वर्णिम युग समाप्त हो चुका है। अगर आप यहां ये सोच कर आएं हैं कि आप बहुत सा पैसा कमाएंगे तो माफ़ करिए ये आपके लिए सही जगह नहीं है।” डीन के कहे इन शब्दों के बाद जॉर्डन ने ये सोच लिया कि उसे डेंटिस्ट नहीं बनना क्योंकि उसे बहुत सारा पैसा कमाना था।

अथाह दौलत कमाने की चाह में जॉर्डन ने अमेरिका के लॉन्ग आइस्लेंड में सी फूड तथा मछलियों के निर्यात का धंधा शुरू किया। जॉर्डन अपने ही धंधे में डोर टू डोर जा कर मछलियां बेचने का काम करता था। कुछ ही समय में उसने अपने इस व्यापर को एक अच्छे मुकाम तक पहुंचा दिया था। उसके पास कई काम करने वाले लोग थे तथा वो तक़रीबन 5000 पाउंड्स यानी 2300 मछली और मांस का निर्यात प्रति सप्ताह करने लगा था। 

किसी भी युवा के लिए अपने दम पर इतना बड़ा व्यापार खड़ा करना बड़ी बात थी लेकिन जॉर्डन को इतने में संतोष नहीं था उसे अभी और चाहिए था। उसे बहुत जल्दी अमीर बनना था और उसकी इसी उत्सुकता ने उसके काम को ठप्प कर दिया। कुछ ही समय बाद जॉर्डन बैंक द्वारा पूरी तरह दिवालिया घोषित किया जा चुका था। आपको बता दूं कि जिस समय जॉर्डन को दिवालिया घोषित किया गया उस समय उसकी उम्र मात्र 25 वर्ष थी।

उसका इटेलियन आइस बेचना या मछलियों का धंधा करना वो कारण नहीं था जिसके लिए वो जाना गया। उस कारण का तो जॉर्डन के जीवन में अभी तक कोई अतापता ही नहीं था। काम की तलाश में घूम रहे जॉर्डन ने अपने किसी परिचित के निर्देश पर L.F. Rothschild में एक शिक्षार्थी के तौर पर काम करना शुरू किया। ये सन 1987 के 19 अक्टूबर की तारीख थी जब जॉर्डन ने एक प्रोफेशनल स्टॉकब्रोकर के तौर पर L.F. Rothschild में कदम रखा। अब इसे एक संयोग कहें या क्या समझ नहीं आता कि जिस दिन जॉर्डन ने L.F. Rothschild में अपना पहला कदम रखा उसी दिन दो बातें सामने आयीं जिनमें से एक का भविष्य में सच होना तय था। पहली बात ये कि या तो जॉर्डन किसी भी संस्था के लिए मनहूस था या फिर वो अपने लिए सबसे ज्यादा लकी था। उनकी ज्वाइनिंग के दिन ही स्टॉक मार्किट को काला दिन देखना पड़ा और वो क्रैश हो गई। उस दिन DOW (डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज) 508 पॉइंट्स नीचे लुढका था। शेयर बाजार के इतिहास में इसे ब्लैक मंडे के नाम से जाना जाता है। 

इस मार्किट कैश के बाद भले ही L.F. Rothschild बंद हो गई हो लेकिन जॉर्डन की नयी और धमाकेदार पारी यहीं से शुरू हुई। नौकरी की तलाश में भटक रहे जॉर्डन ने लॉन्ग आइसलैंड स्थित स्ट्रैटन सिक्योरिटी नामक पैनी स्टॉक शॉप में अपने पैर जमाए। जॉर्डन के पास गजब की प्रतिभा थी। वो अंधे को चश्मा और गंजे को कंघी बेचने की काबिलियत रखता था। उसका यही हुनर काम आया और कुछ ही दिनों में उसने स्ट्रैटन सिक्योरिटी की फ्रेंचाइजी पर स्ट्रैटन ओक्मान्ट की स्थापना की और अगले कुछ ही समय में इसे ब्रोक्रेज हॉउस बना कर इसका संस्थापक बन गया। एक छोटे से हॉल में चल रही स्ट्रैटन सिक्योरिटी नामक पैनी स्टॉक शॉप अब एक बड़ी सी इमारत के बड़े से कांच ऑफिस में स्ट्रैटन ओक्मान्ट के नाम से एक ब्रोक्रेज हॉउस के रूप में स्थापित हो चुकी थी। जॉर्डन इस ब्रोक्रेज हॉउस का संस्थापक था। जॉर्डन ने निराश और हताश युवा शेयर ब्रोकर्स की फ़ौज खड़ी कर दी और उन्हें तरीका सिखाया कि कैसे वो शेयर बाजार से अंजान इन्वेस्टर्स को समझा बुझा कर रद्दी शेयर खरीदने के लिए मनाएं। इस तरीके से कंपनी करोड़ों कमाने लगी।  

देखते ही देखते स्ट्रैटन ओक्मान्ट अमेरिका की सबसे बड़ी शेयर ब्रोक्रेज फर्म बन गई। जॉर्डन स्ट्रैटन ओक्मान्ट के 50% शेयर का मालिक था। पैसा मानों उसके यहां बारिश की तरह बरसने लगा। एक समय उसके पास 1000 शेयर ब्रोकर तथा एक बिलियन डॉलर से ज्यादा के शेयर थे। लेकिन पैसा एक जगह रुकना नहीं चाहता, वो अपने निकल भागने का रास्ता बनाने की कोशिश लगातार करता है। जॉर्डन के विषय में भी ऐसा ही हुआ। दौलत के आने के साथ साथ जॉर्डन का लाइफस्टाइल भी पूरी तरह से बदलने लगा। अब उसकी रातें महंगे होटलों में गुजरती थीं, उसकी शानदार पार्टियों में शराब और ड्रग्स जैसे नदीयां बहने लगीं। जार्डन को परवाह नहीं थी पैसे की क्योंकि वो जानता था कि अगर वह दोनों हाथों से भी खर्चे तब भी उसका धन घटने वाला नहीं, तब तो और नहीं जब उसके यहां बिना रुके नोटों की बारिश हो रही हो। लेकिन वो अपनी नियति से अनजान था। अपनी अय्याशियों में वह कब मेथाक्वालोन जैसे ड्रग का आदि हो गया उसे खुद पता न चला।        

वह एक धोखाधड़ी का धंधा कर रहा था। इसका भांडा आज नहीं तो कल फूटना ही था। असल में स्ट्रैटन ओक्मान्ट एक बॉयलर रूम के रूप में काम कर रही थी। जिसका काम था पंप एंड डंप की तर्ज पर इन्वेस्टर्स को ठगना। सीधे और सुलझे तरीके से समझें कि पंप एंड डंप स्टॉक मार्किट में ठगने का एक तरीका है। इसमें ब्रोक्रेज हॉउस नकली इमेल्स, न्यूज चैनल्स पर झूठी प्रेस रिलीज या फिर टेलीफोन के माध्यम से शेयर के कीमत बढ़ाते हैं। इतने प्रचार के बाद शेयरमार्केट से अनजान लोग ऐसे शेयर को खरीद लेते हैं। जब सारे शेयर बिक जाते हैं तो इनकी मार्केटिंग रोक दी जाती है। नतीजन कंपनी अपने शेयर बेच कर मुनाफा कमा लेती है और भोलेभाले इन्वेस्टर्स को भारी घाटा सहना पड़ता है। जॉर्डन इसी धंधे से कमा कर दिन रात अय्याशी कर रहा था। 

कहते हैं समय की लाठी में आवाज नहीं होती। जॉर्डन तो अपने मद में वैसे भी अंधा बहरा हो चुका था। यही कारण था कि उसे वक्त की लाठी पड़ने की भनक तक सुनाई न दी। 1996 में NASD ने स्ट्रैटन ओक्मान्ट पर ताला लटका दिया। 1999 में जॉर्डन सिक्योरिटीज फ्राड तथा मनी लौन्ड्रिंग के मामले में दोषी पाया गया। उसे चार साल जेल की सजा सुनाई गई लेकिन वो 22 महीने बाद बरी हो गया। इसके साथ ही अदालत ने जॉर्डन को उपभोक्ताओं के 110.4 मिलियन डॉलर लौटने का आदेश दिया। 

22 महीने की जेल काटने के बाद जब जॉर्डन बाहर आया तो उसके अंदर से पैसे का भूखा और अय्याश जॉर्डन मर चुका था। अपनी सजा के दौरान टॉमी चोंग जॉर्डन का साथी बना, जिसने उसे अपने जीवन के अनुभवों को लिखने के प्रति प्रोत्साहित किया। सजा काटने के बाद जॉर्डन ने ‘दि वुल्फ ऑफ़ वाल स्ट्रीट’ तथा ‘कैचिंग दि वुल्फ ऑफ़ दि वाल स्ट्रीट’ नामक दो किताबें लिखीं। जिन्हें 40 देशों में प्रकाशित किया गया। इन दोनों किताबों का 18  भाषाओं में अनुवाद किया गया। जॉर्डन की एक किताब दि वुल्फ ऑफ़ वाल स्ट्रीट पर 2013 में इसी नाम से फिल्म बनीं जिसमें जॉर्डन की भूमिका निभाई हॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता लियोनार्डो डिकैप्रियो ने । बताया जाता है कि इस फिल्म के लिए जॉर्डन को 5 लाख डॉलर अडवांस में मिले। आज की तारीख में जॉर्डन एक जानेमाने मोटिवेशनल स्पीकर हैं। जेल से निकलने के बाद चोंग और जॉर्डन अच्छे दोस्त बने तथा जॉर्डन ने अपने लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर बनने का श्रेय चोंग को दिया।          

2014 में दुबई के एक मोटिवेशनल टॉक शो में जॉर्डन बेलफोर्ट ने कहा था

“मैं लालची हो गया था। महत्वाकांक्षा अच्छी है, जुनून अच्छा है लेकिन लालच अच्छी नहीं। मेरा लक्ष्य है जितना मैं पा सकता हूं उससे अधिक पाना और यही सफलता का मंत्र है। मैंने जो किया उसमें 95 प्रतिशत सही था बस 5 प्रतिशत की गलती ने मुझे डुबो दिया।”          

बीते कल का बुरा आदमी अपने अनुभवों से आज आपको बहुत कुछ सिखा सकता है इस बात को जॉर्डन ने साबित कर दिया। जिसे कानून ने कभी दोषी मान कर सजा सुनाई थी आज उस जॉर्डन की बातें लाखों लोग सुन भी रहे हैं और सीख भी रहे हैं।   

लेख अच्छा लगे तो कमेंट करें और इसे शेयर करें ।

धीरज झा 


COMMENTS

नाम

अन्य रचनाएँ,1,अलविदा,7,इश्क़ वाली कहानियां,35,कल्पनाएं,1,कविता,115,कहानियों का कोना,37,कहानी,126,किश्तों वाली कहानियाँ,22,किस्से गाँव के,15,क्रिकेट के क़िस्से,1,ख़ास लोग,15,खुशियाँ,39,खेल कहानियां,4,ख़्वाहिशें,2,गज़ल,32,चलते फिरते बस यूं ही,2,चिट्ठियाँ,23,जय जवान,11,तड़प मेरी तुम्हारे लिए,72,दु:ख,69,नमन,4,पापा के लिये,29,पुराने किस्से,3,प्रतिभा की दुनिया,2,फिल्म समीक्षा,4,बस यूं ही,27,बातें काम कीं,61,बिहारनामा,2,माँ,18,युवाओं की बात,3,रात के किस्से,6,लघु कहानी,9,लेख,162,वैश्विक,1,व्यंग्य,37,शायरी,31,सिनेमा,1,सिर्फ तुम्हारे लिये,63,हास्य कथा,2,
ltr
item
Qisson ka kona, kisson ka kona: 'जॉर्डन बेल्फोर्ट' इस शख्स का जीवन एक ऐसी किताब है जो बहुत कुछ सिखा सकता है आपको
'जॉर्डन बेल्फोर्ट' इस शख्स का जीवन एक ऐसी किताब है जो बहुत कुछ सिखा सकता है आपको
Jordan belfort, The wolf of the wall street, success story, sahare market, stock business, motivational story, inspirational, hollywood movie,
https://1.bp.blogspot.com/-bnd6X8oHQkw/X33SmMGgBaI/AAAAAAAABHM/KylpY1qvuMgFHORLRa0hFglwo72ak8aCQCLcBGAsYHQ/s16000/belfort_2798311b.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-bnd6X8oHQkw/X33SmMGgBaI/AAAAAAAABHM/KylpY1qvuMgFHORLRa0hFglwo72ak8aCQCLcBGAsYHQ/s72-c/belfort_2798311b.jpg
Qisson ka kona, kisson ka kona
http://www.qissonkakona.com/2020/10/About-The-wolf-of-wall-street-jordan-belfort.html
http://www.qissonkakona.com/
http://www.qissonkakona.com/
http://www.qissonkakona.com/2020/10/About-The-wolf-of-wall-street-jordan-belfort.html
true
3081115015472439889
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy