बचा लो धरती को !! (कहानी)

save earth, apocalypse, hindi story, greed, selfishness, imagination, universe, other planets




“उस ज्योतिषी ने पहले ही कहा था तू प्रेम को छोड़ नहीं पाएगा और प्रेम तेरे पास नहीं आएगा । भले तू अपने जीवन में दुनिया का अंत देख ले मगर अपना प्रेम विवाह नहीं देख सकता । मेरी कुंडली के अनुसार मेरे जीवन में कभी प्रेम नहीं होगा ।“ 

“बस इसी बात पर मुंह बनाए बैठा है ? अबे गधे, ये जो इतने सालों से निशा के साथ है क्या वो प्रेम नहीं है ? इतने पापड़ बेल कर उसके और अपने घरवालों को मनाया और जब अब शादी का दिन आया तो ऐसी बातें कर रहा है। अबे यार ये सब बस पैसे बनाने के लिए करते हैं । अगर भविष्य जानना इतना आसान होता तो ये खुद का ना देख लेते ।“

“ऐसा मत बोल यार । ये भविष्य नहीं हमारे ग्रहों की दशा देख कर बताते हैं । वैसे भी तू ने पहले भी तो देखा है न वो अंजली, कितना प्यार था हम में लेकिन आखिर में वो चली गई ना ? वो अनु, हम दोनों तो पागल थे एक दूसरे के लिए लेकिन मेरी किस्मत की वजह से उसकी जान ही चली गई । अब ये निशा, इसे मैं बहुत प्यार करता हूँ बेहद मासूम है ये । मैंने कितना समझाया कि मेरे करीब ना आए मगर ये नहीं मानी । अब मुझे डर लग रहा है ।“

“इतना डर लगता है तुझे तो फिर ये दर्जन भर प्रेम कहानियों क्यों लिखीं अपने लिए ?”

“यार तू तो ऐसे मत बोल तू मुझे अच्छे से जानता है मैंने कभी भी खुद से नहीं चाहा ये सब । बस अपने आप होता गया । वर्ना एक बार का जला बार बार आग से नहीं खेलता भाई ।“

“भाई तू बस सोचना छोड़ दे । आज रात को तेरा ज्योतिषी और तेरे ग्रह दोनों झूठे पड़ने वाले हैं ।“ अनिल जितना डर रहा था राघव उसे इस डर से निकालने की उतनी ही कोशिश कर रहा था । अंत में राघव उसे बहला कर दोस्तों के बीच ले गया । अनिल भी धीरे धीरे काम में लग कर अपने डर से थोड़ा दूर होने लगा । वैसे भी आज रात निशा और अनिल की शादी होने वाली है । यहाँ लड़का लड़की काजी पंडित सब माने हैं फिर एक रात में भला कौन इन्हें अलग कर सकता था । 

इस कहानी से बहुत दूर किसी अन्य शहर में...

“क्या कोई खबर मिली ?” एक हरे चोलाधारी ने कंप्यूटर पर नजरें जमाए बैठी एक युवती से पूछा । 

“ये सब वीडियो गेम लगता है क्या तुम्हें ? नहीं शायद सोच रहे होगे कि जल्दी जल्दी लेवल पार कर के गेम खत्म कर दें ।“ लड़की झल्ला कर बोली । 

“अरे भड़क क्यों रही हो ? समय बीत रहा है मैं इसीलिए पूछ रहा हूं ।“

“तो ये क्या आसान काम है ? इस दुनिया के हर शख्स को चेक करना उसमें से सही लोगों को खोजना ऐसे है जैसे रेगिस्तान में सुई खोजना । हां लेकिन मैंने वादा किया है और उसे निभाऊँगी जरूर ।“

“हां लेकिन वादा निभाने का फायदा भी तभी है जब सही समय रहते निभा सको । बाद में कुछ बचेगा ही नहीं तो फिर तुम्हारे वादे का हम क्या करेंगे ।“ ये तीसरी आवाज़ थी उस व्यक्ति की जो इस कमरे के एक कोने में आँखें बंद किए ध्यान लगाए हुए था । 

“तुम तो ना ही बीच में बोलो तो अच्छा है । तुम अपना काम सही से कर पाते तो मुझे यहां जान की बाज़ी लगाने नहीं आना पड़ता ।“ लड़की ने पलट कर उस शख्स को जवाब दिया । 

“तुम दोनों सारा समय आपस में ही लड़ते हुए बिता दो । अब तो हमें सिर्फ बाज से उम्मीद है । वही कोई करिश्मा करेगा ।“ इन दोनों की लड़ाई से तंग आ कर चोलाधारी ने आसमान की तरफ देखते हुए कहा । 

इस जगह से कहीं बहुत दूर 

“आज मिला है खाना, पेट भर खाऊँगा । इतना खा लूँगा कि हफ्ते भर भूख ही ना लगे ।“ उस जूठे बर्गर को ललचाई नज़रों से देखता हुआ ओरी खुद से बोला । वो इस आधे बर्गर से अपनी भूख मिटा पाता इससे पहले ही उसकी नजर पास बैठे कुत्ते पर पड़ी जो भूखी नज़रों से उसके बर्गर की तरफ देख रहा था । ओरी ने उसे देखा और और कुछ सोचने के बाद मुसकुराते हुए बर्गर उसके आगे रख दिया । दरअसल ये कुत्ता ही था जिसकी वजह से ओरी इतने साल जी पाया था । बचपन से यही कुत्ता ओरी का परिवार था । बर्गर पा कर कुत्ता उछलने लगा लेकिन उसने सारा बर्गर नहीं खाया । बर्गर तब तक पड़ा रहा जब तक ओरी ने अपने हिस्से का नहीं उठा लिया । 

अब ओरी और वो कुत्ता दोनों खुश थे लेकिन इनके अलावा कोई तीसरा भी था जो खुश था और वो था बाज । एक छत पर छुपे बाज ने उस लड़के की सारी हरकत नोट की और अंत में अपने मन ही मन किसी से बात करने लगा । 

“हां मुझे पूरा यकीन है ये लड़का उन्हीं में से एक है । मुझे इसके पास से बहुत स्ट्रॉंग सिग्नल मिल रहे हैं ।“ उधर से कोई आवाज़ उसने मन ही मन सुनी और ठीक है कह कर उस लड़के की ओर एक उड़ान भर ली । 

किसी और जगह 

“नेपोलियन को जानता है बे ।“ अपने हाथ में पकड़ी गन को बड़े गौर से देखते हुए डीडी ने कहा । 

“नो बॉस, जानना जरूरी है क्या ? कहीं अब इस नेपोलियन को ही तो नहीं उड़ान ?” डीडी के मेन चमचे जॉर्ज ने बड़ी गंभीरता से कहा । 

“अबे गधे, नेपोलियन एक योद्धा था । कब का मर गया वो ।“

“अच्छा मुझे लगा इस बार उसी का नंबर है ।“ डीडी समझ गया कि इससे माथा मारना बेकार है । 

“नेपोलियन की लकीरें देख कर एक ज्योतिषी बोला था कि उसकी किस्मत में युद्ध जीतना नहीं लिखा ।“

“फिर तो बहुत बुरा हुआ । सुना है ज्योतिषी लोग जो बोलते वो सही होता ।“ इतना कहते ही जॉर्ज के एक जोरदार लात पड़ी और वो दूर जा गिरा । 

“कितनी बार कहा है पूरी बात सुना कर पहले ।“ 

“सॉरी बॉस ।“

“हां तो, जब उसे ऐसा कहा गया तो उसने ज्योतिषी से पूछा कि युद्ध जीतने की रेखा कौन सी होती है ? ज्योतिषी ने बता दिया और नेपोलियन ने पता है क्या किया ?” डीडी के पूछने पर भी जॉर्ज कुछ नहीं बोला । उसे फिर एक लात पड़ी । 

“ध्यान कहाँ है तेरा ? मेरी बात का जवाब क्यों नहीं देता ?”

“क्या बॉस खुद ही तो बोले बीच में नहीं बोलना ।“

“अरे यार... अच्छा चल जब मैं कुछ पूछूं तो जवाब देना । चल बता नेपोलियन ने क्या किया ?” 

“युद्ध लड़ना छोड़ दिया होगा ज्योतिषी की बात मान कर ।“

“अरे यार इसका मैं क्या करूं । उसने एक चाकू से अपने हाथ पर एक नई लकीर बना ली ।“

“अच्छा फिर तो बहुत दर्द हुआ होगा ना । वैसे उसने क्या किया इससे अपने को क्या करना है बॉस ?” बॉस ने अपने सिर पर हाथ मार । कुछ देर चुप रह कर अपने गुस्से को शांत किया । 

“ये बताने का मेरा मकसद ये था प्यारे जॉर्ज कि अपने को भी एक ज्योतिषी ने कभी कहा था कि अपनी सारी ज़िंदगी जेल में ही बीतेगी लेकिन मैंने भी नेपोलियन की तरह अपनी किस्मत बदल ली । आज तक पुलिस अपने को पकड़ नहीं पाई ।“

“क्या बॉस इतनी सी बात को कितना घुमाये आप । सीधा सीधा बताना था ना ।“ बॉस इस बार उस पर गोली चला दी जो उसके पैर के एकदम पास लगी । जॉर्ज के तो जैसे होश ही उड़ गए । 

वापस वहीं जहां चोलाधारी और उसके साथी थे 

“नियोन, ये देखो दूसरा इंसान भी मिल गया ।“ लड़की की बात सुन कर चोलाधारी जिसका नाम नियोन था भागता हुआ कंप्यूटर के पास आया । 

“वाह बहुत बढ़िया । अब बस वो आखिरी इंसान मिल जाए जल्दी से । समय बहुत काम बचा है ।“ 

“मिल गया नियोन ।“ ये आवाज उस शख्स की थी जो ध्यान लगाए बैठा था । इतना सुनते ही तीनों के चेरों पर मुस्कान नाचने लगी । 

अनिल के घर 

“क्यों दूल्हा साहब क्या अभी भी डर लग रहा है ?”

“लग तो रहा है भाई लेकिन अब शादी करने से डर लग रहा है । आज़ादी छिन जाएगी यार ।“ अनिल की इस बात पर दोनों हंस पड़े । लेकिन हंसते हंसते राघव का मुंह खुला का खुला रह गया । मानों जैसे वो मूर्ति बन गया हो । उसे ऐसे देख अनिल एकदम से डर गया । उसने बकियों को आवाज़ लगाई मगर किसी ने जवाब नहीं दिया । जब उसने बाहर जा कर देखा तो हर कोई राघव की तरह ही एक मूर्ति बन गया था । अनिल को लगा जैसे वो सपना देख रहा हो । वो सबको हिला हिला कर जगाने लगा मगर हर कोई बर्फ की तरह अकड़ गया था । 

“उन्हें कुछ नहीं होगा । थोड़ी देर में ये सब ठीक हो जाएंगे ।“ इस अचानक आई अनजानी आवाज़ ने अनिल को और भी ज़्यादा डरा दिया । 

“कौन है ? ये सब क्या हो रहा है ? ये पक्का कोई सपना है । कोई मुझे जगाओ । प्लीज कोई मुझे जगाओ ।“ अनिल इधर उधर भागते हुए चिल्लाने लगा । 

“ये कोई सपना नहीं है । अगर तुम कुछ देर शांत रहो तो मैं तुम्हें सब समझा सकता हूं ।“

“मुझे कुछ नहीं समझना तुम बस इन लोगों को सही कर दो ।“

“तुम्हें सुनना होगा क्योंकि ये सिर्फ तुम्हारी बात नहीं बल्कि पूरी धरती की बात है ।“ ये आवाज़ उसी लड़की की थी जो कंप्यूटर के आगे बैठी थी । इस आवाज़ के साथ ही नियोन, ध्यान लगाने वाला शख्स और कंप्यूटर वाली लड़की तीनों अनिल के सामने प्रकट हो गए । उन्हें देखते ही अनिल बेहोश गया । कुछ देर की मेहनत के बाद ही उसे होश में लाया जा सका । 

“अब हमारी बात ध्यान से सुनो । समय बहुत कम है । दुनिया ग्रहों के हिसाब से चलती है । तुम इंसान जिसे ज्योतिष कहते हो वो असल में ग्रहों का ही खेल है । दुनिया में जो भी कुछ हो रहा है वो सब इन ग्रहों की चाल पर निर्भर करता है । तुम्हारा सोना जागना हँसना रोना जीना मारना सब कुछ इन्हीं ग्रहों पर निर्भर है लेकिन समय समय पर कुछ ज़िद्दी लोग ग्रहों की चाल से छेड़ छाड़ कर देते हैं । तुमने देखा होगा कि कई इंसानों की किस्मत में कुछ कमी होती है, कुछ तो उस कमी के साथ जी लेते हैं लेकिन कुछ बार बार उस कमी को पूरा करने की कोशिश करते हैं । यही वो ज़िद्दी लोग होते हैं जिनकी वजह से ग्रहों की चाल में अंतर आता है । अब जब ये अंतर आता है तो ग्रह अपनी जगह से हिल जाते हैं । तुम्हारे ग्रह पर आने वाले भूकंप के झटके ग्रहों के हिलने की वजह से ही आते हैं । इनके हिलने के साथ ही अंतरिक्ष का एक ऐसा दरवाजा खुलने लगता है जिसे हमेशा के लिए बंद किया गया था । ऐसा बहुत समय से होता आ रहा है । हमने ग्रहों को अपने स्थान पर ला कर वो दरवाजा बंद करने की तकनीक खोज ली है लेकिन समस्या ये है कि आज कुछ ज़िद्दी लोगों की वजह से ग्रह पूरी तरह से अपनी जगह से हट जाएंगे और दरवाजा खुल जाएगा । इसके बाद उसे तुरंत बंद करना असंभव हो जाएगा ।“ अनिल बुत बन कर नियोन की सारी बातें सुनता रहा और अंत में एक दम से उछलने लगा । 

“चलो चलो अब सब नॉर्मल हो जाओ । मैं बकरा बन गया । वेरी गुड एक्टिंग गाइज़ । अब ये प्रैंक बंद करो ।“ अनिल सबको हिलाने लगा । 

“ये सब सच है दोस्त । इसे समझने की कोशिश करो ।“

“अच्छा ये सब सच है ? और मैं हूं सुपरमैन जो उड़ कर जाएगा और ग्रहों को धकेल कर अपनी जगह पर ला देगा ।“

“ऐसा नहीं है । लेकिन तुम इसे रोक सकते हो ।“

“तुम सब अब हद कर रहे हो । मैं नहीं यकीन करता इस बकवास पर ।“

“समय बहुत कम है । तुम्हें यकीन करना ही होगा । वैसे भी तुम्हारा कुछ नहीं जाने वाला ।“ अनिल ने कुछ देर इन बातों पर सोचा । 

“अच्छा अगर मैं तुम्हारी बात मान लेता हूं तो मुझे क्या करना होगा । और पूरी दुनिया में सिर्फ मैं ही क्यों हूं जो इस दुनिया को बचा सकता है ।“

“वैसे तो समय समय पर बहुत से ऐसे ज़िद्दी लोग आते हैं जो अपनी किस्मत से लड़ कर उसे बदलते हैं लेकिन इस समय तुम तीन ही हो जो ऐसा कर रहे हैं । इसलिए तुम तीनों ही इसे रोक सकते हो ।“

“बाक़ी के दो कहाँ हैं और अगर हमने नहीं रोका तो क्या होगा ।“ अनिल की बात पूरी होते ही बाज बाक़ी के दो लोगों यानी ओरी और डीडी को लेकर प्रकट हुआ । 

“बाक़ी के दो ये रहे और अगर तुम लोगों ने हमारी बात नहीं मानी तो उस दरवाजे से निकालने वाली आग धरती को जला कर राख कर देगी ।“

“सिर्फ धरती ही क्यों ?” डीडी ने ये सवाल किया । यहां हुई हर बात बाज पहले ही डीडी और ओरी को समझा चुका था । 

“क्योंकि उसके ब्रह्मांड में फैलने से पहले हम उस दरवाजे को बंद कर देंगे ।“ 

“अच्छा तो हमें इसके लिए क्या करना होगा ?” अनिल ने पूछा । 

“अपनी जिद्द छोड़ कर कुर्बानी देनी होगी ।“

“कुर्बानी ? जब हम मर ही जाएंगे तो भला दुनिया को बचा कर क्या फायदा ।“ डीडी ने कहा । इस पर नियोन समेत बाक़ी तीनों भी मुस्कुराने लगे । 

“नहीं तुम्हें जान नहीं देनी बस जो तुम्हारे ग्रहों के हिसाब से किस्मत ने तुम्हारे लिए तय किया है उसे मान लेना है और किस्मत से लड़ना छोड़ देना है ।“ 

“साफ शब्दों में कहो ऐसे समझ नहीं पा रहा मैं ।“

“जैसे कि तुम्हारी किस्मत में प्रेम नहीं लिखा लेकिन तुम प्रेम को पाने जा रहे हो । इस लड़के की किस्मत में खुशियां नहीं लिखीं लेकिन फिर भी ये खुश रहता है । इस इंसान को जेल में होना चाहिए लेकिन ये किस्मत को चकमा दे कर आजाद घूम रहा है ।“ 

“ये तो गलत बात है । ऐसे तो दुनिया के करोड़ों लोग किस्मत से लड़ कर जीतते हैं ।“

“हां सही कह रहे हो लेकिन उनकी जीत में और तुम्हारी लड़ाई में फरक है । वे किस्मत से लड़ते नहीं । मेहनत करना और फल पाना उनकी किस्मत में लिखा होता है लेकिन तुम तीनों वो कर रहे हो जो तुम्हारी किस्मत में लिखा ही नहीं है । देखो समय बहुत कम रह गया है । तुम तीनों अपनी अपनी किस्मत मान लो और उससे लड़ना छोड़ दो । तुम उस लड़की से शादी मत करो जिससे प्रेम कर रहे हो । तुम अपने आप को पुलिस के हवाले कर दो और लड़के तुम खुश रहना छोड़ दो ।“

“लेकिन मैं खुश रहना कैसे छोड़ सकता हूं ? ये तो मेरी आदत में है ।“

“यही तो समस्या है, ऐसा नहीं होना चाहिए । दुनिया को बचाने के लिए तुम्हें अपनी आदत बदलनी होगी ।“

“जबरदस्ती है क्या ? मैं नहीं निशा को छोड़ने वाला । बड़ी मुश्किल से तो ऐसी प्यार करने वाली लड़की मिली है ।“

“जबरदस्ती ही तो नहीं कर सकते । ये सब संभव तभी हो पाएगा जब तुम तीनों अपनी मर्ज़ी से कुर्बानी दोगे ।“

“और कहीं बाद में हम मुकर गए तो ?”

“ऐसा संभव नहीं है । एक बार हां कहने के बाद ज़िंदगी में तुम लोग कभी भी पहले जैसी खुशियां नहीं पा सकोगे ।“ तीनों एक दूसरे की तरफ देख रहे थे । 

“अगर सब हमारी ही मर्ज़ी से होगा तो मुझे ये मंजूर नहीं है । मैं शादी करूंगा निशा से । मुझे तो ये भी नहीं पता कि तुम सब सच बोल रहे हो या झूठ ।“ 

“सही कहा मैं भी अपनी आज़ादी नहीं कुर्बान करने वाला ।“ 

“मैं अपनी खुशियां कुर्बान करूंगा ।“ दोनों के फैसले के खिलाफ जाते हुए ओरी ने कहा । 

“जब ये नहीं मान रहे तो भला तुम क्यों मान गए ?”

“मैं तो अनाथ हूं । अगर मैं अपनी खुशियां दे कर दुनिया के काम आ जाऊं तो इससे बड़ी खुशी भला और क्या होगी । इसके लिए मैं कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हूं ।“ ओरी की बात सुन कर चोलाधारी और उसके साथी मुस्कुराये । 

“ये देता है कुर्बानी तो देता रहे मगर हम नहीं देंगे । अब हमें आजाद करो और इन लोगों को ठीक करो कुछ देर में शादी है मेरी ।“

“सुना था प्रेम इंसान को नर्म और दयालु बनाता है लेकिन तुम तो बहुत कठोर निकले । तुम पहले ही आजाद हो । हम यहीं रहेंगे इरादा बदले तो हमें याद कर लेना ।“

“असल में तुम लोगों को दुनिया की नहीं बल्कि अपनी जान की पड़ी है । अगर तुम सच भी बोल रहे तो हमारे साथ साथ तुम सब भी तो नष्ट हो जाओगे ।“ डीडी ने कुटिल मुस्कान के साथ कहा । 

“हमें कुछ नहीं होने वाला क्योंकि हम किसी दूसरे ग्रह से हैं । धरती नष्ट होने से पहले हम यहां से निकाल जाएंगे । हम सिर्फ तुम्हें बचाने आए हैं । वैसे इन बातों का कोई मतलब नहीं रह गया, जब तुम्हें हमारी इतनी बातों पर विश्वास नहीं हुआ तो भला आगे क्या विश्वास करोगे तुम हम पर । अगर इरादा बदले तो याद करना । लेकिन याद रहे ये तुम्हारी शादी से पहले ही संभव हो सकता है ।“ इतना कह कर नियोन अपने साथियों और ओरी के साथ गायब हो गया । डीडी वापस जॉर्ज के पास पहुँच गया और अनिल के यहां मौजूद सभी लोग ऐसे सामान्य हो गए जैसे कुछ हुआ ही नहीं । सभी शादी की तैयारियों में जुट गए । 

बारात पहुँच चुकी थी निशा के घर । अनिल मंडप में बैठा चोलाधारी की बातें याद कर रहा था । तभी निशा ने उसे कुहनी मारी और इशारे से पूछा “क्या हुआ ?” 

“कुछ नहीं ।“ अनिल ने मुस्कुरा कर जवाब दिया । 

“शादी का इरादा नहीं है क्या ?” निशा ने हंसते हुए पूछा । अनिल कुछ सोचने लगा । 

निशा की मांग में सिंदूर भरने के बाद फेरे शुरू हो गए । अंतिम फेरे के साथ ही शादी संपन्न होने वाली थी । अनिल बहुत धीरे धीरे कदम उठा रहा था । एक तरफ वो सोच रहा था कि अपनी शादी रोक दे लेकिन दूसरी तरफ उसे ये सारी बातें बकवास लग रही थीं । निशा कि तरफ देखते हुए उसने मन पक्का किया और आखिरी फेरा पूरा कर लिया । 

फेरा पूरा करते ही अनिल कुछ देर रुका और खुद को सही सलामत देख मुस्कुराते हुए बोला “सब बकवास...” मन में बुदबुदाते हुए ही उसने ऊपर आसमान की ओर देखा । रात के समय सूरज से भी तेज एक रौशनी उसकी तरफ बढ़ रही थी । उसकी बात मुंह में ही रह गई, आँखें फ़ाइल गईं । लोग चिल्ला पाते इससे पहले ही धरती दहकते हुए आग का गोला बन गई ।

धरती से बहुत दूर 

“गुरू जी ने सच कहा था । इंसान स्वार्थी होता है और उसका यही स्वार्थ उसके विनाश का कारण बनेगा । अगर वे दोनों अपना स्वार्थ भूल कर अपने लोगों और धरती के बारे में सोचते तो दुनिया को बचाने के बदले उन्हें उनकी सोच से बहुत ज्यादा मिलता । मगर स्वार्थ में अंधे लोगों ने धरती की बलि चढ़ा दी । 

“इस बच्चे का क्या करना है ।“ बाज ने अपने कंधे पर लटकाए बेहोश ओरी के बारे में पूछा । 

“नई धरती का निर्माण यही करेगा । उम्मीद है इसके द्वारा तैयार की गई धरती पर इसी की तरह उदार और निस्वार्थी लोग जन्म लेंगे ।“ इतना कह कर वे चोलाधारी उस लड़के और अपने साथियों के साथ ब्रह्मांड में कहीं विलीन हो गया । 


प्रतियोगिता के लिए लिखी गई ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है । इसका मानवता, साइंस या ज्योतिष से कोई लेना देना नहीं है । इसे एक कहानी की तरह ही पढ़ा जाए । हां लेकिन ये जरूर बताएं कि अगर आप ऐसी किसी परिस्थिति में हों तो क्या आप दुनिया के लिए अपनी खुशियां कुर्बान कर सकेंगे ? दिल से जवाब दीजिएगा ।    


धीरज झा 

COMMENTS

नाम

अन्य रचनाएँ,1,अलविदा,8,इश्क़ वाली कहानियां,38,कल्पनाएं,1,कविता,115,कहानियों का कोना,47,कहानी,138,किश्तों वाली कहानियाँ,22,किस्से गाँव के,15,क्रिकेट के क़िस्से,1,ख़ास लोग,23,खुशियाँ,40,खेल कहानियां,5,ख़्वाहिशें,2,गज़ल,32,चलते फिरते बस यूं ही,2,चिट्ठियाँ,24,जय जवान,12,तड़प मेरी तुम्हारे लिए,72,दु:ख,73,नमन,5,पापा के लिये,31,पुराने किस्से,3,प्रतिभा की दुनिया,2,फिल्म समीक्षा,4,बस यूं ही,27,बातें काम कीं,63,बिहारनामा,3,माँ,19,युवाओं की बात,4,रात के किस्से,6,लघु कहानी,9,लेख,167,वैश्विक,1,व्यंग्य,38,शायरी,31,सिनेमा,1,सिर्फ तुम्हारे लिये,63,हास्य कथा,2,
ltr
item
Qisson Ka Kona | Kisson Ka Kona: बचा लो धरती को !! (कहानी)
बचा लो धरती को !! (कहानी)
save earth, apocalypse, hindi story, greed, selfishness, imagination, universe, other planets
https://1.bp.blogspot.com/-Uje7YvLdOyQ/X8p_0Bma8NI/AAAAAAAABKs/zzz9F7p3NSAwo34hOrMZRpGQ3Wn4fjzbQCLcBGAsYHQ/s16000/200211_debat_The-Apocalypse-scaled.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-Uje7YvLdOyQ/X8p_0Bma8NI/AAAAAAAABKs/zzz9F7p3NSAwo34hOrMZRpGQ3Wn4fjzbQCLcBGAsYHQ/s72-c/200211_debat_The-Apocalypse-scaled.jpg
Qisson Ka Kona | Kisson Ka Kona
http://www.qissonkakona.com/2020/12/save-earth%20.html
http://www.qissonkakona.com/
http://www.qissonkakona.com/
http://www.qissonkakona.com/2020/12/save-earth%20.html
true
3081115015472439889
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy